हवाओं में
हर तरफ कुछ घुला सा है।
जो धीरे -धीरे ,
बना रहा है एक घर ,
घास -फूस,ईट पत्थर का नही
डर और दहशत की परत दर परत
जमती धूल का ।
-डॉ०संगीता
हर तरफ कुछ घुला सा है।
जो धीरे -धीरे ,
बना रहा है एक घर ,
घास -फूस,ईट पत्थर का नही
डर और दहशत की परत दर परत
जमती धूल का ।
-डॉ०संगीता