Wednesday, 21 June 2023

कुछ बातें..30

 ठहरना या रुक जाना उम्र भर के लिए 

तुम्हारी बातों का वो मर्म जो था वही रख सको तो रखना

 सदा के लिए 

क्योंकि बातों में कोई दरवाजा तो नहीं

 पर ,जब बातें बंद हो जाती हैं तो रिश्ते भी नजरबंद हो जाते हैं 

       मेरी ही कलम से....

Thursday, 1 June 2023

कुछ बातें...32

 बहुत ही कठोर है ये शब्द 

जहाँ  भावनाएं शून्य 

असीम मोह भी तुच्छ 

किसी का परित्याग,सरल नहीं 

अंदर से टूटा बिखरा इंसान 

तिनके के सहारे से नदी पार करना चाहता है,पर वह कर नहीं सकता 

अबोध पन की  मित्रता में अगर बोध आ जाए तो उसे भी त्याग देना ही सही है 

गहरी नींद से जैसे किसी ने झकझोर कर जगाया हो ....

      Dr. Sangita

        Lucknow 

अपनी ओर

 पाँव के छाले कहते हैं,रुक जाओ अब आगे न बढ़ो आंखों में आंसू चुभते हैं,मंजिल को मुझे परे रखो अंतर्मन का संग्राम -सघन,बन राह का पर्वत रोकेंगे...