नीम से
तेरे शब्द
और...मेरा
शहद सा प्रेम
मैं थोड़ा सा नीम
चख कर
शहद भर देती हूँ
अनगिनत पुष्प परागों
से निर्मित मैं..
कहीं -कहीं मिलती हूँ
सर्वत्र तुम...
संगीता
तेरे शब्द
और...मेरा
शहद सा प्रेम
मैं थोड़ा सा नीम
चख कर
शहद भर देती हूँ
अनगिनत पुष्प परागों
से निर्मित मैं..
कहीं -कहीं मिलती हूँ
सर्वत्र तुम...
संगीता
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