धरती गोल है
आज समझ आया ...
विस्तार पाने के लिए
खुद को उठाया
अनंत की गोद में
सब, तुच्छ नजर आया
कण-कण की विशालता
जब ,
दृष्टि परख पाया..
-संगीता
आज समझ आया ...
विस्तार पाने के लिए
खुद को उठाया
अनंत की गोद में
सब, तुच्छ नजर आया
कण-कण की विशालता
जब ,
दृष्टि परख पाया..
-संगीता
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