घिरती अंधियारी सी
काले बादलों का शोर
कड़कती तेज ध्वनि के बीच
कुछ प्रकाशमय सा
ढूंढ लेता है मुझको
और ,बता देता है
कालिमा में छिपे
उजाले का रहस्य
जहाँ,
अगोचर सी दीप्ति की
निरन्तरता
ओढ़ लेती है
गुरु- गहन-गम्भीरतम
आपात के क्षण को
-संगीता
काले बादलों का शोर
कड़कती तेज ध्वनि के बीच
कुछ प्रकाशमय सा
ढूंढ लेता है मुझको
और ,बता देता है
कालिमा में छिपे
उजाले का रहस्य
जहाँ,
अगोचर सी दीप्ति की
निरन्तरता
ओढ़ लेती है
गुरु- गहन-गम्भीरतम
आपात के क्षण को
-संगीता
No comments:
Post a Comment