जब शब्दों का जाल बनाया उसने
तब...
शब्दों का धार बनाया मैंने ....
जीवन को दिए उसने दोराहे
उसे....
चौराहे पर बिठाया मैंने....
वो कहता है सब मेरा है,
अपना उसे बताया मैंने....
शब्द ये मेरे ,
मेरी दुनिया ...
अब तक,
पूँजी यही बनाया मैंने....
-संगीता
तब...
शब्दों का धार बनाया मैंने ....
जीवन को दिए उसने दोराहे
उसे....
चौराहे पर बिठाया मैंने....
वो कहता है सब मेरा है,
अपना उसे बताया मैंने....
शब्द ये मेरे ,
मेरी दुनिया ...
अब तक,
पूँजी यही बनाया मैंने....
-संगीता
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