हर साथ,साथ नही होता
कुछ रह सा जाता है
साथ चलने से भी...
कदम -कदम बढ़ना ही बढ़ना नही
बढ़ जाता है कोई
पीछे रह के भी...
-डॉ० संगीता
कुछ रह सा जाता है
साथ चलने से भी...
कदम -कदम बढ़ना ही बढ़ना नही
बढ़ जाता है कोई
पीछे रह के भी...
-डॉ० संगीता
पाँव के छाले कहते हैं,रुक जाओ अब आगे न बढ़ो आंखों में आंसू चुभते हैं,मंजिल को मुझे परे रखो अंतर्मन का संग्राम -सघन,बन राह का पर्वत रोकेंगे...
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