दरारों से जो झांकता है दर्द बनकर
वो दरारों की वजह भी है,
स्पर्श की सुई में प्रेम के धागे से
सिलता है वो किनारों को,
जिसमें दर्द बंद होता है .....
-संगीता
वो दरारों की वजह भी है,
स्पर्श की सुई में प्रेम के धागे से
सिलता है वो किनारों को,
जिसमें दर्द बंद होता है .....
-संगीता
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