Wednesday, 1 June 2022

कुछ बातें....16

एक राजा था। उसकी एक रानी थी।रानी को बहुत अच्छे से पता था कि राजा किसी और से प्यार करते थे ।फिर भी रानी बहुत ही निश्चिंत थी।उसके दरबार मे सभी को यह बात पता थी पर कोई कुछ नही कर सकता था।एक दिन एक दासी से रहा नही गया उसने रानी से यह बात पूछी।रानी ने कहा ,राजा सिंहासन पर मुझे अपने साथ बिठाते हैं।जिसे राजा चाहते हैं वो किसी और को चाहती है।राजा के प्रति मैं समर्पित हूँ। कोई छुपकर राजा की मानसिक और शारिरिक जरूरते तो पूरी कर देगा।पर,समाज इसे कभी सही नहीं कहेगा।राजा साहब महारानी मुझे ही बुलाते हैं।राजा साहब किसी का उपभोग तो कर सकते हैं पर उसको समाज में स्वीकार नही कर सकते।बोलने वाले बहुत होते हैं, पर जो करके दिखाए वही समाज मेंअपनी जगह बनाते हैं...सम्बन्ध अक्सर दिखावे वाले ही पवित्र समझे जाते हैं।समाज के लिए सम्बन्ध सिर्फ शरीर का ही मान्य होता है... लोग फिरभी जीते हैं भले ही किसी के बिना जीना मुश्किल हो।भले ही कोई किसी के स्पर्श को तरसता रहे।जिसे समाज ने स्वीकार लिया आज भी वही मर्यादित है शेष तो अवैध ही है।नियम कानून दिलों के देश मे लागू नहीं होते... मेरी ही कलम से...

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अपनी ओर

 पाँव के छाले कहते हैं,रुक जाओ अब आगे न बढ़ो आंखों में आंसू चुभते हैं,मंजिल को मुझे परे रखो अंतर्मन का संग्राम -सघन,बन राह का पर्वत रोकेंगे...