Sunday, 3 July 2022

कुछ बातें ....19

इंसान को मिट्टी में दफन कर दें तो वह मर जाता है।उससे बाहर नहीं आ पाता किंतु बीज मिट्टी में दबकर मरकर नए रूप में मिट्टी के बाहर आ ही जाता है।बीज के आगे हम बौने हैं।या कह सकते हैं न के बराबर भी।धरती के गर्भ से वह सबकुछ बाहर झाँक सकता है ,जो जीना चाहता है ।साँस लेना चाहता है।और फिर मरना है यह भी जानता है। मेरी ही कलम से.....

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अपनी ओर

 पाँव के छाले कहते हैं,रुक जाओ अब आगे न बढ़ो आंखों में आंसू चुभते हैं,मंजिल को मुझे परे रखो अंतर्मन का संग्राम -सघन,बन राह का पर्वत रोकेंगे...