Sunday, 3 July 2022

कुछ बातें...21

कुछ चीजें जब इंसान के हाथों से फिसलने लगती हैं तो वह मुठ्ठी को पूरे बल से बंद कर लेना चाहता है।फिर भी फिसलने वाली चीज मुठ्ठी से बाहर आ जाती है। मेरी ही कलम से....

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अपनी ओर

 पाँव के छाले कहते हैं,रुक जाओ अब आगे न बढ़ो आंखों में आंसू चुभते हैं,मंजिल को मुझे परे रखो अंतर्मन का संग्राम -सघन,बन राह का पर्वत रोकेंगे...